फोन पर आया एक संदेश कह सकता है कि स्कूल बंद हैं या किसी सड़क पर आवाजाही रोकी गई है। लेकिन उसमें जिला, तारीख या आदेश जारी करने वाले विभाग का नाम न हो तो यह तय करना मुश्किल है कि सूचना कहां लागू होती है। उत्तराखंड जैसे विविध भूगोल वाले राज्य में इन ब्योरे के बिना संदेश अधूरा है।

आदेश किसने जारी किया

पहले देखें कि सूचना किस विभाग, जिला प्रशासन या संबंधित स्थानीय प्राधिकरण के नाम से जारी हुई है। फिर उस संस्था के आधिकारिक माध्यम पर मिलती-जुलती जानकारी खोजें। किसी परिचित से आया संदेश या लोगो लगी तस्वीर अपने आप में पुष्टि नहीं होता।

इलाका और तारीख जांचें

सूचना में प्रभावित जगह, लागू होने की तारीख और जरूरत पड़ने पर समय की सीमा साफ़ होनी चाहिए। “कल से बंद” जैसे शब्द बिना संदेश की तारीख के भ्रम पैदा कर सकते हैं। यह भी पढ़ें कि आदेश पूरे जिले के लिए है या किसी खास क्षेत्र, संस्थान अथवा सेवा के लिए।

अधूरी बात आगे न बढ़ाएं

अगर मूल आदेश नहीं मिलता या संदेश में जरूरी ब्योरे गायब हैं, तो उसे पक्की खबर की तरह साझा करने से रुकें। पुष्टि उपलब्ध न हो तो यही साफ़ कहना बेहतर है, बजाय अनुमान से खाली जगह भरने के। TIKHI MIRACH में हम सूचना के साथ उसका स्रोत और दायरा रखने को जरूरी मानते हैं—इसी से पाठक तय कर पाते हैं कि बात उनके इलाके से जुड़ी है या नहीं।